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दिवाली पर मेहरबान रहेगा मौसम, हिमाचल में नौ नवंबर तक बारिश-बर्फबारी का कोई अलर्ट नहीं

➤ हिमाचल में दिवाली वाले हफ्ते में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान

➤ 3 से 9 नवंबर तक बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं, किसी जिले में चेतावनी नहीं

➤ कुकुमसेरी माइनस 2.1 डिग्री पर सबसे ठंडा, ऊना 32.4 डिग्री पर सबसे गर्म


शिमला। दीपोत्सव की तैयारियों में जुटे हिमाचलवासियों के लिए मौसम से राहत भरी खबर है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 3 से 9 नवंबर तक मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। इस अवधि में दिवाली (8 नवंबर, रविवार) और उसके अगले दिन गोवर्धन पूजा (9 नवंबर) भी शामिल हैं। यानी पूर्वानुमान के मुताबिक त्योहार के दिनों में न बारिश खलल डालेगी और न बर्फबारी।

मौसम विभाग ने 3 नवंबर को दोपहर 12 बजे जारी दैनिक बुलेटिन में आगामी सात दिनों के लिए प्रदेश के किसी भी जिले में कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। ऊना से लेकर लाहौल-स्पीति तक सभी 12 जिलों में 3 से 9 नवंबर तक कोई चेतावनी नहीं रहेगी। मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों, मध्य पर्वतीय क्षेत्रों तथा उच्च पर्वतीय क्षेत्रों, तीनों में मौसम शुष्क रहेगा। ऐसे में बाज़ारों में खरीदारी, घरों की सजावट, दीपमालिका और मेलों-आयोजनों के लिए मौसम अनुकूल रहने की उम्मीद है।

तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन से चार दिनों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। पिछले 24 घंटों के दौरान कुछ स्थानों पर न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।

  • ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान माइनस 2 से 9 डिग्री और अधिकतम 11 से 17 डिग्री रहा।
  • मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 5 से 17 डिग्री और अधिकतम 18 से 28 डिग्री दर्ज किया गया।
  • मैदानी व निचले पर्वतीय क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 12 से 19 डिग्री और अधिकतम 26 से 32 डिग्री के बीच रहा।

कुकुमसेरी सबसे ठंडा, ऊना सबसे गर्म। बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में माइनस 2.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पिछले दिन सबसे अधिक अधिकतम तापमान ऊना में 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा। एक ही दिन में प्रदेश के सबसे ठंडे और सबसे गर्म स्थान के बीच करीब 34 डिग्री का अंतर रहा।

हल्की बारिश और कोहरा। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ स्थानों पर बहुत हल्की बारिश दर्ज की गई। सांगला में 2.4 मिलीमीटर, कल्पा में 1.6 मिलीमीटर, रामपुर में 1.5 मिलीमीटर और मनाली में 0.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। सुंदरनगर और मंडी में हल्का कोहरा भी दर्ज किया गया। प्रदेश में कहीं भी हिमपात, ओलावृष्टि, गरज-चमक या तेज हवाओं की सूचना नहीं है।

तारीख के हिसाब से पूर्वानुमान। मौसम विभाग के अनुसार 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 नवंबर, यानी सातों दिन मौसम शुष्क रहेगा।

पहले क्या था। पिछले दिनों प्रदेश के ऊंचे क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ी थी, जबकि मासिक पूर्वानुमान में नवंबर के दौरान कुछ ज़िलों में सामान्य से अधिक बारिश-बर्फबारी के आसार जताए गए थे। फिलहाल साप्ताहिक पूर्वानुमान में दिवाली तक की स्थिति साफ दिख रही है, लेकिन मौसम का रुख बदल सकता है, इसलिए रोज़ जारी बुलेटिन देखते रहें।

दिवाली पर किसके लिए क्या मायने।

  • बाज़ार और कारोबारी: साफ मौसम से दिवाली की खरीदारी के आखिरी दिनों में बाज़ारों में रौनक बनी रहने की उम्मीद है।
  • पर्यटक और घर लौटने वाले: त्योहार पर घर आने-जाने वालों को बारिश-बर्फबारी की बाधा का खतरा फिलहाल नहीं है, फिर भी ऊंचे इलाकों की यात्रा से पहले सड़कों की स्थिति की जानकारी ज़रूर लें।
  • दीये और पटाखे: शुष्क मौसम में सूखी घास, पत्तियों और लकड़ी के मकानों के आसपास आग लगने का खतरा रहता है। दीये और पटाखे खुले, सुरक्षित स्थान पर ही जलाएं और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
  • बच्चे और बुज़ुर्ग: दिन में धूप और शाम-रात को ठंड का फर्क रहेगा, इसलिए आतिशबाज़ी और पूजा के समय गर्म कपड़े पहनाएं। पटाखों के धुएं से सांस के मरीज़ बचाव रखें।
  • किसान और बागवान: शुष्क मौसम रबी की बुवाई और बागीचों के कामकाज के लिए सहायक है, लेकिन खेतों में नमी का ध्यान रखें।